तुम सच बोल रही हो किसने खोला तुम्हें
मैं सच बोल रही हू उसने खोला है मुझे जो अभी यहां था
अब वो लोग फिर से उसके हाथ बाँध देते हैं और बाहर चले जाते है
अब बॉस कहता है कि ये लड़की क्या कह रही है इसका मुह तुमने खोला है
वो कहता है कि बदतमीजी कि हे तुमने मेरे साथ धोखाधड़ी की है मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी
अरे नहीं बॉस मैं ऐसा नहीं कर सकता यहां कोई आया होगा जरूर वो यही कहीं छिपा होगा मैं सच कह रहा हू
वे सब भूखे थे तभी एक ने कहा यार क्या लड़ाई-झगड़े मे ही रात बिता दोगे क्या
कोई किसी की सुन ही नहीं रहा था सब एक दूसरे को बुरा भला कहने लगे
तभी फिर एक ने कहा यार चलो खाने के लिए लाओ भूख लगी है इतना सब खरीद कर लाए है जो हुआ सो हुआ चलो अब खाना खाते हैं और अपना काम शुरू करते है
और सब खाने पीने लगते हैं खूब मजे ले ले कर खाते है
अब एक कहता है कि अब तुम पहले अंदर जाओ पहले तुम
क्रमशः

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