शादी का असली मतलब भाग 271

प्रीति ने कहा कि सब ढोंग पाखंड है इसका पता नहीं ये सिंदूर किसका लगाती है मुझे तो बहुत पहले शक हो रहा था इसके ऊपर

पापा जी से मुझे ये उम्मीद नहीं थी कि वे इसको पानी पिला सकते हैं खैर मैं तो अब जाती हू मुझे तो कल ऑफिस जाना है जल्दी

मेरा प्रमोशन भी होने वाला है दूसरा और वो अपने बालों को झटक कर चल देती है

उधर रूपा रो रही थी

रिकी वहां आती है और रूपा से कहती है रूपा बस करो अब तुम बहुत रो चुकी पापा जी झूठ नहीं कहेंगे

वो जल रघु ने ही दिया होगा तुम्हें

तभी पापा जी भी वहाँ जाते है और रिकी से कहते है कि मुझे रूपा का रोना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है

अचानक वो इधर उधर घूमने लगते हैं तभी उनकी नजर बरामदे पर पड़ती है वहाँ रघु खड़ा था और पापा से इशारे से कह रहा था कि रूपा को लाओ मैं उसे यही से देखूँगा आज

क्रमशः

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