इंतजार की घड़ी

कितनी कठिन होती है लेकिन हसीन होती है वो इंतजार की घड़ी जो उनके लिए आंखे दरवाजे पर टिकी रहती थी आँखों ने नींद नहीं आती थी वो कहते अभी नहीं आ पाउंगा तुम सो जाना मै आऊंगा तो तुम्हें फोन करूंगी

अब मैं कैसे सो सकती हू मानो मैं सो गई वे फोन कर रहे है मैं अगर ना जाग पाई तो वो बाहर ही खडे रह जाएंगे और मैं रात भर जागती रहती कभी बरामदे मे झांकती कभी पूरे घर ने घूमती बस उनका इंतजार करती

तभी 2 बजे उनका फोन आता कि मैं आज नहीं आ पाउंगा बहुत काम है यहां

मुझे डाट देते की तुम सोई नहीं अभी तक चलो सो जाओ ये क्या पागलपन है तुम्हारा जाओ सो जाओ

मैं फोन बंद कर देता हू

लेकिन मैं नहीं सोती

लेकिन पता नहीं कैसे थोड़ी सी नींद आ रही थी मुझे मेरे दोनों बच्चे सो जाते

मेरी सासु माँ भी सो जाती थी लेकिन मैं ना सोती

अब वो 8 बजे सुबह फोन करते हैं कि मैं आ रहा हू गाड़ी से

अब मेरा इंतजार खत्म हो जाता मैं फिर बरामदे मे खड़ी हो जाती उनको आते देख कर बहुत अच्छा लगता उनके आते ही उनका बैग हाथ से ले लेती और जल्दी से उनको घर के कपड़े देती

उनके पहने हुए कपडे सर्फ मे भिगो देती

मेरा इंतजार खत्म हुआ आज का मैं अब सो जाऊँगी

❤️❤️❤️🌹🌹❤️❤️

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