आहत भाग 182

वो आदमी अंदर जाता है और कहता है कि क्या चीज़ है तू मैं बॉस हू तुझसे मैंने पहले ही कहा था कि तू मेरे साथ चल

मेरे साथ रह एक कमरा दूँगा रहने के लिए लेकिन तूने मना कर दिया

लेकिन अब तू कहा जाएगी अब तो 4 है पूरे

और जोर जोर हंसने लगता है वो उसका कपड़ा हटा देता है

दीपेन्द्र अपना घूंसा तान लेता है उसके लिए ये बहुत ही शर्म की बात हो जाएगी कि उसके सामने एक लड़की की अस्मत लूट ली गई वो कुछ ना कर सकता लेकिन अगर वो कुछ नहीं कर पाएगा तो उसके लिए इंसान का जन्म बेकार ही है

बॉस कहता है कि आह चांदनी रात है तेरा गोरा बदन कितना चमक रहा है कितना ढक कर रखती थीं थीं तू कितने कपड़े पहनाती थीं तू

आज तेरी खूबसूरत जवानी निखर निखर कर कह रही है कि आज तू मेरे हाथो मे ही खत्म हो जाएगी

लड़की कहती हैं कि नहीं नहीं मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो मेरा कोई नहीं है

लेकिन वो शराब के नशे मे उसके मुह को दबाने लगा तभी दीपेन्द्र ने जोर से उसका गला पकड़ लिया

उसका मुह पकड़ लिया और उसकी गर्दन को गुस्से से मोड़ दिया

उस लड़की ने अपने पैर खोलने शुरू कर दिए

क्रमशः

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