कामिनी की बड़ी बड़ी आंखे वीर सिंह का इंतजार कर रही थी वो भी अपने वीर सिंह की एक झलक देखने को व्याकुल थी
तभी उसने देखा कि एक गाड़ी आई है उसके पीछे पीछे 4 जीप आई थी वीर सिंह और उनके माता पिता शायद गाड़ी मे थे और बाकी लोग जीप मे थे
खैर कामिनी को कोई देखे ना कि लड़की खिड़की पर खड़ी है इस डर से कामिनी खिड़की बंद कर लेती है और अंदर बैठ जाती है
इतने मे छोटी भाभी कमरे मे दाखिल होती है उनके हाथो मे मिठाइयों का थाल था वो कामिनी से कहने लगी तैयार रहना वो लोग आ चुके है बाहर मत निकलना, खिड़की मत खोलना
क्रमशः

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