मुहब्बत बार बार नहीं मिलती

सच्चा प्यार करने वाला बार बार नहीं मिलता ,मुरझाए हुए फूल बार बार नहीं खिलते

एक बार अगर मुहब्बत छूटी तो वो हर बार नहीं मिलती

किसी से किसी से कहा था कि तुम मेरे बाद मुहब्बत को तरस जाओगे, वो सच साबित हुआ आए तो बहुत आशिक परंतु उस जैसा दोबारा ना मिला

या दूसरी मुहब्बत दूसरी नहीं होती मुहब्बत सिर्फ एक बात ही किसी से होती है वो ही खास लगता है

जिससे मुहब्बत होती है वो आम नहीं होता वो अपने जिगर की प्यास होता है

उसे देखकर ही अपनी रूह की प्यास बुझती है सच मे वहीँ सच्ची मुहब्बत होती है

उसकी आवाज से ये दिल धड़क उठे और कह उठे तेरे सिवा कोई और नहीं हो सकता अगर हुआ तो वो एक गुनाह होगा

तुझसे मुहब्बत की मुझे जितनी भी सजा मिले मुझे मंजूर है वही सजा मेरे जीवन का एक हसीन उपहार होगा

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