दीपेन्द्र और लड़की अंधेरे मे छिपे हुए थे और वे लोग उस लड़की को खोज रहे थे बिल्कुल पागलों की तरह
दीपेन्द्र एक बड़ा सा मोटा एक लकड़ी का टुकड़ा अपने हाथ मे लिए हुए था
दोनों छिपे हुए थे तब ही एक ने लड़की को देख लिया और इशारा किया कि वो देखो वो देखो मिल गई
अब वो 5 आदमी उस लड़की को पकड़ने के लिए भागने लगे वो लड़की डर गई और वो दीपेन्द्र का हाथ छुड़ा कर भागने लगी दीपेन्द्र कुछ समझ पाता तब तक उन लोगों ने उस लड़की को पकड़ लिया और उसे वही पर पटक दिया दीपेन्द्र ने उन लोगों को देखा और वही लकड़ी का टुकड़ा लेकर उन लोगों के ऊपर टूट पड़ा
उन लोगों ने दीपेन्द्र को भी पकड़ लिया और रखने चाकू निकाल लिया दीपेन्द्र को मारने के लिए लेकिन वो लड़की चिल्ला उठी उसे मत मारो वो निर्दोष है उसे मत मारो उससे मेरा कोई ताल्लुक़ नहीं है उसे छोड़ दो,लेकिन दीपेन्द्र भी उन लोगों से उलझ गया उन लोगों ने एक डंडा दीपेन्द्र के सिर पर मार दिया और तभी दीपेन्द्र बेहोश हो गया था उन लोगों ने दीपेन्द्र को वही पर फेंक दिया और लड़की को पकड़ने लगे अब लड़की भी भागने लगी। क्रमशः

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