
हमारी जीभ हर उम्र मे अपने स्वाद को बदलती है या ऐसा कहिये की जीभ हर उम्र मे स्वाद लेने की क्षमता को बदल देती है
जीभ मे स्वाद कालिका होती है जिनकी संख्या 6000 तक होती है इनसे हमे स्वाद का अनुभव होता है
जब हम बच्चे होते हैं तब हम मीठा वस्तुएं बहुत खाते हैं जैसे चॉकलेट और मिठाइयाँ हमे बहुत अच्छी लगती है हम मिर्च नहीं खाते मिर्च हमारी जीभ मे बहुत लगती है
जब हम जवाँ होते हैं तो हम चटपटा, खूब खाते है मिर्च मसाला और स्वादिष्ट भोजन खूब खाते है
लेकिन जब हम बूढ़े हो जाते हैं तो हमारे भोजन का स्वाद बदल जाता है हम मुलायम चीजें खाना पसंद करते हैं मिर्च मसाला हमे नुकसान करने लगता है
अक्सर देखा जाता है कि बूढे लोग खाने के स्वाद के पीछे घर मे नाराज हो जाते हैं क्योंकि 60 साल के बाद से स्वाद कालिका कम होने लगती है ज़बान का स्वाद खराब होने लगता है खाना अच्छा नहीं लगता
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