लेकिन फिर भी वो लड़की बहुत संघर्ष करती है अपने आपको बचाने के लिए
तभी दीपेन्द्र को थोड़ा सा होश आ जाता है वो देखता है कि वो आदमी भेड़िये की तरह उसके कपड़े नोच रहे थे और वो लड़की उनसे मिन्नते कर रही थी लेकिन अब वे पूरी तरह कामुक हो चुके थे
दीपेन्द्र को ये देखकर पता नहीं क्या हो गया था वो बहुत जोर से हुंकारता हुआ उन सभी पर टूट पड़ा और सबको उठा कर फेंकने लगा तभी एक आदमी ने चाकू निकाल ली और चाकू से दीपेन्द्र को मारने लगा दीपेन्द्र ने एक लात मारकर चाकू उससे छीन ली और उसके पेट मे वही चाकू भौंक दी और उसका सीना चीर दिया। क्रमशः

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