देव दासी भाग 522

कामिनी की गोद भराई का कार्यक्रम शुरू हो जाता है कामिनी की सास कामिनी को उपहार देती है और फिर वीर सिंह कामिनी को अंगुठी पहनाते है कामिनी भी वीर सिंह को अंगुठी पहना देती है और फिर सब एक दूसरे को प्रणाम करते हैं

अब खाने का समय हो जाता है भाभियों का मजाक भी शुरू हो जाता है मंगल गीत होने लगते हैं घर की महिलाये मंगल गीत गाती है

बड़ी भाभी कामिनी को कमरे मे लेकर जाने लगती हैं तो वीर सिंह की माँ कहती हैं कि रहने दो अभी इसको अब ये हमारी बहू हो चुकी इसको भी हमारे साथ खाना खाने दो

लेकिन भाभी कहती हैं कि अब ये आपकी ही है लेकिन यहा पर बड़े लोग है उनके सामने ये कैसे खड़ी रह सकती है इसे ले जाने दीजिए माता जी क्रमशः

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