
ये मेरे पड़ोसी है जो मेरे सामने वाली बिल्डिंग मे एक घोसला बनाकर रहते हैं इन्होने मेरे सामने ही अंडे दिए
पहली बार 5 अंडे दिए और उन 5 अंडों से तीन बच्चे जिंदा रहे दो मर गए लेकिन वही बच्चे जिंदा रहे जो मजबूत थे जिन्होंने लपक कर खाना खाया और वो मर गए जिनको खाना नहीं मिला जो कमजोर और आलसी थे
फिर उसके बाद कवी ने चार अंडे दिए उसमे से दो जिंदा रहे
मैं देखती थी कि इन दोनों पक्षियों मे कितना प्रेम था दोनों एक साथ अपने बच्चों को खाना खिला कर बड़ा करते रहे
कुछ दिनों के बाद बच्चे खाना खाने लगे उड़ने लगे और उड़ गए लेकिन वे भी मेरी छत पर खाना खाने आते हैं मैं रोज इन्हें खाना देकर बहुत ही अच्छा महसूस करती हू ये सब मेरे मेहमान हैं इनसे कोई रिश्ता जरूर होगा
लेकिन देखिए उनके बच्चे उनके नहीं हुए वे सब चले गए इनका घोसला खाली हो गया लेकिन ये दोनों एक दूसरे को छोड़ कर नहीं गए
ये लोग मेरी छत पर आते हैं एक दूसरे को खाना खिलाते है एक दूसरे के साथ ही रहते हैं
हम लोगों के जीवन मे भी ऐसा ही होता है हमारे बच्चे भी जॉब करने या पढ़ने चले जाते हैं वही अपना घर भी बसा लेते हैं परंतु जीवनसाथी मरते दम तक साथ रहता है इसलिए कभी भी अपने जीवनसाथी का अपमान ना करें उसे समझने की कोशिश करे उसकी भावना की क़दर करें ना जाने कब आपको उसके बिना जीना पड़ जाए
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