प्रमोद कहते हैं कि मेरा ऑफिस कि तरफ से लोन मिल जाएगा
मैं पैसा लाया था लेकिन अब डॉक्टर पैसा नहीं ले रहे हैं वे कह रहे हैं कि बहुत देर हो गई है बीमारियां बहुत बढ़ गई है सिर्फ इंजेक्शन ही लगेगा दर्द के लिए
अब मेघना नहीं बचेगी अतुल डॉक्टर ने कह दिया है लेकिन मेरे पास जो पैसा था मैंने जमा कर दिया है उसमे ही काम हो जाएगा
अतुल कहता है कि भैया ये पैसा मेरी मेहनत का है इसे ले लो और उनके इलाज मे लगा दो
लेकिन प्रमोद कहते हैं कि अतुल तुम इस पैसे को अपने पास रख लो पता नहीं बाद मे कितना पैसा लग जाएगा मैं जरूरत के समय तुमसे मांग लूँगा
अतुल वे पैसे रख लेता है और कहता है कि भैया कोई जरूरत पड़े तो संकोच मत करना
और वो मेघना को देखने अतुल के साथ चला जाता है मेघना अपनी बड़ी बड़ी आँखों से दोनों को देखती है और कहती है कि मैं कह रही थी कि पैसों के लिए कहीं तुमनें खेत तो नहीं बेच दिया वो खेत हमारे पूर्वजों का है कितनी मुश्किल से उन लोगों से खेत खरीदे थे उन खेतों का अन्न खाकर आप लोग पाले गए थे
क्रमशः

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