
बहुत प्यारा सा एक ग़ज़ल पढ़ते हैं
हमारे जीवन में कभी कभी ऐसा होता है जब अपनो से ही दर्द जख्म मिल जाते हैं
तो दिल टूट जाता है फिर वहां पर ऐसा कोई शख्स होता है जो हमारे दर्द को अपना समझ कर सहारा देना चाहता है
☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀🥀☘️
टूट कर ऐसे ना बिखरो आओ तुम्हें मैं सहारा दे दूं
दिए हैं दर्द सभी ने तुम्हें कितने
क्यों पाले हैं जख्मों को इतने
उन जख्मों को मरहम कर दूं
आओ तुम्हें सहारा दे दूं
🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️
रो रो कर बहाओ ना आंसू बड़ी
खूबसूरत है यह तुम्हारी आंखें
इन आंखों में सपने सजा दूं
आओ तुम्हें मैं सहारा दे दूं
☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️🥀☘️☘️🥀
गमों के सहारे बताओ ना यह जीवन
सारे दर्द को भुला कर हंस लो
इन होठों पर मुस्कान ला दूं
आओ तुम्हें मैं सहारा दे दूं
टिप्पणी करे