जब तक संसार दिल मे होता है तब तक इंसान परम भक्त नहीं बन सकता

पुराणों के अनुसार बड़े बड़े ऋषि मुनि भी योग साधना करते करते सुंदरियों और संसारिक भोग विलास मे फंसे होते थे उनकी बड़ी बड़ी तपस्या भंग करने के लिए स्वर्ग की सुन्दरियां धरती पर उतर आती थी कुछ ऋषि मुनियों तो उनके चक्करों मे पड़ जाते थे लेकिन कुछ ऋषि मुनि अपनी शक्ति से उनके बारे मे पता कर लेते थे और शाप दे देते थे

“जब तक संसार दिल मे होता है तब तक इंसान परम भक्त नहीं बन सकता” को एक उत्तर

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें