कच्चे आम के मनमाने दिन

सुनो क्या तुमने देखे हैं हरे भरे पेड़ों पर लगे कच्चे आमों को

सुनो क्या तुमने कभी कच्चे आमों का हरापन देखा है

कितनी कठोर होती है उसकी खाल पूरा बड़ा सा मन को लुभाता है कुछ लड़के आकर्षित होकर डंडा मारकर तोड़ लेते हैं और बाद मे उसकी चटनी बना डालते हैं क्योंकि

वो कच्चा आम आंखे दिखाता है सबको दिखाता है अपना बलवान शरीर और देता है लड़कों को चुनौती देता है आओ मुझे तोड़ कर दिखाओ मैं फलों का राजा आम हू

ऊंची डाली पर लगा हू क्या तुम चढ़ पाओगे पहुंच पाओगे मेरे पास

लड़के कहीं से एक डंडा लाता है और मारता है आम हवा मे झूलने लगता है और खटकने लगता है उस लड़के को

जैसे कि वो कच्चे आम की चुनौती को सुन लेता है

लड़का कुछ देर के लिए वहाँ से चला जाता है अब तो आम बावला हो जाता है वो और भी जोर जोर डाली पर लहराने लगता है तभी वो देखता है कि वो लड़का अपने दोस्तों को भी साथ लेकर आया है

उनके हाथ मे लंगड़ थे जो छोटे पत्थरों पर रस्सी या धागा बांध कर बनाए जाते हैं

लड़कों ने उस आम को लंगड़ से मार कर नीचे गिरा दिया साथ मे उसके साथ के आमों को भी गिरा लिया

अब घर जाकर अपनी माँ को दे दिया आम के तो परखच्चे उड़ गए थे अब तो रोने से भी क्या फायदा था

अगर वो छिपकर अपने पत्तों के बीच मे रहता तो ना वो मारा जाता और ना उसके साथ के आम

खुद भी मरा, अचार बन गया और सबको चटनी बनवा ड़ाला

मित्रों हमारा जीवन भी ऐसा ही होता है ज्यादा इतराने वाले हमेशा ही चोट खाते रहते हैं और सजग और सरल रहने वाले लोग अपना जीवन मुसीबतों के बाद भी सुरक्षित कर लेते हैं

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