महानगरों की जिंदगी

लहरों का शोर नहीं सागर का शान्त’ सुनो,
कुछ बड़ा करना है जीवन में, तो एकान्त चुनो..!!

महानगरों मे एकांत सम्भव नहीं है गाड़ियां ही गाड़ियां उनका शोर है कोई किसी नहीं तरह देखता ही नहीं सबको आगे जाने की होड़ सी है

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