अपनी पीड़ा किसी को नहीं बतानी चाहिए

जब कोई पीड़ा अपने आपको खाती है तो उससे बचाव करने का एक साधन नशा करना नहीं है इससे तो और भी बड़ी संख्या में पीड़ाएं शुरू हो जाएगी

हमे अपने ही लोगों से पीड़ा मिलती हैं उपहार मे प्यार और विश्वास के बदले, हम किसी को जब जरूरत से अधिक प्यार करते हैं और दिल से विश्वास करते हैं वे हो लोग हमे कष्ट पहुंचाते हैं

इसलिए अपने जीवन की रक्षा करने और उसे आगे बढ़ाने के लिये ऐसे लोगों का दिल से त्याग करना ही बेहतर होता है वे लोग पास मे रहे तो भी क्या फर्क़ पड़ता है

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