समय की जंजीरें

देखो समय बीत रहा है अपनी जंजीरों को मत देखो उन्हें तोड़ कर आगे बढ़ो, मत देखो उनको और अपनी बेबसी को अपनी जंजीर मत बनाओ, ये बेबसी ही हमारी जंजीर हैं जो हमे आगे नहीं बढ़ने देती वे परिस्थितियों के रूप मे हमारे आगे खड़ी हो जाती है और हमारे ऊपर हंसती है इतराती हैं और मुस्करा कर कहती हैं कि देखो मैंने इसे जीत लिया इसे हरा दिया

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