सर्द हवाओं से सबको डर सा लगता है क्योंकि तमन्नाओं का बाजार अभी गर्म है जब तक तमन्ना पूरी नहीं होती तभी तक उसमे रस रहता है लेकिन तमाशा समझने लगते हैं उस तमन्ना को जिसके लिए उसमें डूब गया था वो शख्स
सर्द हवाओं से सबको डर सा लगता है क्योंकि तमन्नाओं का बाजार अभी गर्म है जब तक तमन्ना पूरी नहीं होती तभी तक उसमे रस रहता है लेकिन तमाशा समझने लगते हैं उस तमन्ना को जिसके लिए उसमें डूब गया था वो शख्स
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