
सबके जीवन मे खुशियां आती है लेकिन पतझड़ मे कब समा जाती हैं कुछ पता ही नहीं चलता किसी किसी को तो खुशियां बेहिसाब मिलती है और किसी को दुख बेहिसाब मिलते हैं

सबके जीवन मे खुशियां आती है लेकिन पतझड़ मे कब समा जाती हैं कुछ पता ही नहीं चलता किसी किसी को तो खुशियां बेहिसाब मिलती है और किसी को दुख बेहिसाब मिलते हैं
टिप्पणी करे