सब लोग कहते हैं हाँ वो बहू कहा गई घर मे सब ठीक तो है ना वो यहां क्यों नहीं है उसे तो यहां ही होना चाहिए था आखिर उनकी नंद की शादी है उसे होना ही चाहिए हम आज टीका नहीं करेंगे क्योंकि वो भाभी नहीं है उसका होना जरूरी है हमारे यहा अच्छा नहीं माना जाता है उनकी बिटिया भी है एक छोटी कन्या का भी होना बहुत जरूरी है
वो कहा है अभी
तो बड़ी भाभी ने कहा कि वो अपने मायके चली गई उनकी माँ बीमार थी इसीलिए
तभी शैल की सास ने कहा कि हमे पता होता कि बहू घर मे नहीं है तो अभी हम नहीं आते
आपको हमे बुलाना ही नहीं था आपके घर मे क्या बहू का सम्मान नहीं है हमारे यहा तो बहू लक्ष्मी का रूप होती है उसके बिना कोई कार्य हम नहीं करते खैर आज कोई शकुन नहीं होगा
लड़की हमे पसंद है हम अभी उसके हाथ मे कुछ नहीं रखेंगे
शादी पक्की ही समझो बहू को ले आओ सारी बहुएं, बेटियाँ, बुजुर्ग रहते हैं तो कार्य अच्छा लगता है सबका आशीर्वाद अनिवार्य होता है
क्रमशः

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