किसी के लिए कितना भी करो वो सब भूल जाता है

हम कभी कभी किसी के किये बहुत कुछ करते ही चले जाते हैं लेकिन हमे उतना ही करना चाहिए जिसे करके हम अपने किये गए किसी भी सहयोग को भूल जाएं हम किसी से कोई भी उम्मीद ना करें और ना ही कुछ सोंचे क्योंकि आप किसी के लिए 10 बार करते हैं और अगर एक बार नहीं कर पाते हैं तो सारा का सारा लेवल बराबर हो जाता है

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