खुशियाँ ही हमे स्वस्थ रखती हैं और खुशियां अपनेपन से ही मिलती हैं

खुशियां कभी भी समय के आधीन नहीं होती किसी भी समय हमे खुशियां मिल सकती है कुछ लोगों को मैंने देखा है कि वे अपने खुशियों के पलों को हर हालात मे खोज ही लेते हैं

दुख सुख तो जीवन के पड़ाव है हमे हर पड़ाव को झेलना पड़ता है लेकिन हम हर अवस्था मे अपनी खुशियों को अलग नहीं होने देते

जैसे एक गरीब परिवार जो मेहनत मजदूरी करता है वो अपनी गुल्लक मे कुछ पैसे घूमने के लिए या फिर किसी और खुशी के आने का इंतजार करता है

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