परिवर्तन समझौता नहीं एक चुनौती है

जिसे हर किसी को स्वीकार करना होगा और जो परिवर्तन को स्वीकार करके हंसते हुए उससे जूझता है वही एक सफल इंसान है जो जीवन को सुनिश्चित करता हुआ आगे बढ़ता है

ऐसा इंसान कभी भी विचलित नहीं होता क्युकी उसे पता है उसे ज्ञान है कि कुछ भी स्थिर नहीं है सब कुछ परिवर्तनशील है सब कुछ बदल जाने वाला है

उसे जीवन की गहराई का भलीभाँति ज्ञान है उसे पता है कि सारा जीवन जी चुनौती से भरा हुआ है

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