अपने विनाश का जिम्मेदार स्वयं मानव ही बनता जा रहा है

बहुत जल्द ही इस सुन्दर दुनिया का विनाश होने वाला है खुद ही मनुष्य प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है अपने थोड़े से स्वार्थ के लिए पेड़ों को काट रहा है जब पेंड ही नहीं रहेंगे तो ऑक्सीजन कहां से आएगी इसकी भारी कमी होने वाली है

पेड़ों पर ना जाने कितने जीव जंतु निवास करते हैं उनकी भी एक दुनिया निवास करती है अगर मानव दूसरे की दुनिया तबाह करेगा तो उसकी भी तो दुनिया तबाह हो जाएगी

जंगली जानवर जंगल छोडकर बस्ती और गाँव को तबाह कर रहे हैं जब जंगल ही काटे जा रहे हैं तो जानवर भी कहां रहेंगे क्या खाएंगे वो भी सबका घर उजाड़ कर ही पेट भरेंगे

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें