एक इंसान अपना जीवन जीता था कल नहीं जानता था क्या होगा

कोई अपनी आगे की कहानी नहीं जानता

इस आदमी को देख रहे हैं ना सब ये कितना धनी इंसान था लेकिन आज ये किस मुकाम पर आ जाएगा इसे नहीं पता था

सुन्दर काया एक दिन ऐसी भी हो जाती है एकदम डरावनी सी जिसे रात मे लोग देखने से भी डर जाएंगे

कोई एक दिन भी इसकी राख को भी अपने घर मे नहीं रखेगा जो घर पहले इसका था कितना पेट काट काट कर इसने बनवाया था

कितनी लोगों जा उधार लेकर बनवाया था आज इसे छोडऩा पड़ा

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