दादी को ना देखकर शोभा परेशान हो जाती है और वो अपने पति से कहती है कि मैं भी दादी को देखने जाऊँगी
शोभा के पति कहते हैं कि मैं तुम्हें ले चलूंगा उनके पास तुम परेशान मत होना मैं हूँ ना तुम्हारे साथ, सारे परिवार ने हमारा साथ छोड़ दिया लेकिन मैंने तुम्हारा हाथ थामा है मैं अंत तक तुम्हारे साथ रहूंगा
शोभा कहती हैं कि तुमने मेरे पीछे कितना त्याग किया है सब मेरे ही कारण हुआ है मैं ना होती तो आज तुम्हारा परिवार तुम्हारे साथ होता
प्रभु कह्ते है कि सब ठीक हो जाएगा शोभा सब ठीक हो जाएगा तुम दादी की चिंता मत करो दादी भी ठीक हो जाएंगी
क्रमशः
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