
अभी तीन दिन पहले मैं अमृतसर गई वहां पर भारत पाकिस्तान की सीमा है अटारी बॉर्डर, इसे बाघा बॉर्डर भी कहते हैं
वहां पर जाने के लिए हमने एक गाड़ी बुक की और अटारी बॉर्डर देखने के लिए निकले अमृतसर की सड़कें अच्छी नहीं है ट्रैफ़िक नियम भी अच्छे नहीं है
हम अमृतसर से तीन घंटे मे अटारी बॉर्डर पहुंचे मन मे बहुत उत्सुकता थी कि बॉर्डर कैसा होता है वहां जाते ही चेकिंग शुरू हो गई हम अपना बैग, पर्स, चार्जर और भी कई वस्तुएं अपनी गाड़ी मे छोड़ कर अटारी बॉर्डर देखने के लिए जाने लगे
अपने हाथ मे मोबाइल, पानी की बोतल और खाने के लिए popcorn ले लिए वहां पर 45 मिन का प्रोग्राम होता है
दूर दूर से लाखों लोग इस कार्य क्रम को देखने के लिए आते हैं
बहुत भीड़ थी लेकिन हम सब अंदर पहुंच गए जहां ऊंची ऊंची सीढिया बनी थी उसे स्टेडियम कहा जाता है हम लोग एक जगह खोजकर वहां बैठ गए

करीब मेरे अनुमान से एक लाख लोग वहाँ पर एकत्र हुए थे और पूरी सुरक्षा थी BSF के सिपाही लोग ये कार्यक्रम करते हैं
आधे घंटे मे पूरा स्टेडियम भर चुका था सब लोग उत्सुक थे

दूर से पाकिस्तान के लोग भी कार्यक्रम देखने पाकिस्तान मे आए हुए थे पाकिस्तान का झंडा था और वहां पर भी वहां के देशवासी भी अपना कार्यक्रम देखने आए हुए थे भारत, पाकिस्तान का कार्यक्रम एक ही समय होता है
वहां के वासी भारत वासियों को दूर से देख रहे थे उनका कार्यक्रम भी दूर से दिखाई दे रहा था मैं भी अपना मोबाइल लिए फोटो खींच रही थी
आप चित्र मे देख रहे हों कि पाकिस्तान की सीमा दिखाई दे रहीं हैं और कभी कभी तो दोनों देशों के वासी एक दूसरे को हाथ हिला कर खुश भी हो रहे थे
थोड़ी देर के बाद कार्यक्रम शुरू हो गया वहां के सेना के सिपाही भी परेड रहे थे भारत के BSF के सिपाही भी अपनी अपनी कलाकारी दिखा रहे थे

सारी महिलाओं ने नाचा खूब देशभक्ति गाने हुए परेड हुई और तभी भारत पाकिस्तान की सीमा के को कुछ समय के लिए खोल दिया दोनों तरफ के सिपाही अपनी अपनी परेड कर रहे थे फिर दोनों अपना अपना झंडा लेकर चले और प्रोग्राम खत्म हुआ
सुरक्षा का पूरा इंतजाम था पाकिस्तान से भी और भारत से भी
कार्यक्रम समाप्त हुआ और भीड़ से गुजरते हुए हम करीब एक घंटे के बाद गाड़ी में बैठ सके ट्रेफिक जाम हो गया था जनता बाहर आ रहीं थीं वहां के लोग कह रहे थे कि इतनी बड़ी
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