देव दासी भाग 526

कामिनी अपने कमरे मे चली जाती है और वो बार बार वीर सिंह के बारे में सोचती रहती है कि किस तरह ठाकुर वीर सिंह उसके दीवाने हो गए थे और किस तरह उन्होंने उसका कोमल हाथ अपने हाथों मे लिया था उसका अनछुआ बदन, उसके सपनों मे एक पहला सपना वीर सिंह का ही था उसका पहला प्यार वीर सिंह थे सिर्फ वीर सिंह उसकी पहली दहलीज पर सिर्फ वीर सिंह ही थे और आखिरी मे भी सिर्फ वीर सिंह ही रहेंगे वो वीर सिंह की बड़ी बड़ी आँखों की दीवानी हो चुकी थी वो उन आखों मे डूब चुकी तो वीर सिंह ने उसे मदहोश कर दिया है आज भी उसके हाथों मे और उसके चारो तरफ वीर सिंह की ही खुशबू है लेकिन समाज़ का डर था जो वो वीर सिंह को उत्तर नहीं दे पाई और वीर सिंह की इच्छा पूरी नहीं कर पाई क्रमशः

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