ससुराल मे कामिनी का भव्य स्वागत होता है जैसे कि एक रानी महारानी का होता है वो अपने भाग्य पर आज इतरा रहीं थीं कि उसे किस्मत ने इतना सबकुछ दिया था एक तो अपने मायके कि अकेली बेटी और दूसरे ससुराल कि अकेली बहू थीं
कितनी बड़ी हवेली थी कितने जेवरात से लदी थी वो कितना सम्मान उसे मिल रहा था वीर सिंह एक तरफ खड़े मुस्करा रहे थे उनके होंठ आज सुर्ख थे आखों मे चमक थी उनकी माँ बहुत खुश थी
उनकी चचेरी बहने और भी महिलाएँ उनसे मजाक कर रहीं थीं
थोड़ी ही देर मे मुह दिखाई की रस्म होनी थी एक बहुत बड़े कमरे मे ये रस्म हुई उसे कितने सारे उपहार मिले सभी महिलाओ ने उसे आशीर्वाद दिया और उसकी सुंदरता की तारीफ की क्रमशः

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