
प्रिय लगने वाली भाषा ही शोभा देती है किसी को ठेस लगाकर अगर हमे सुकून मिलता है तो वह अपना दुर्भाग्य है जो किसी दिन अपनी ही बोली गई कटु भाषा हम पर खुद ही बरस जाएगा और हमारे जीवन मे बुरा प्रभाव डालेगी

प्रिय लगने वाली भाषा ही शोभा देती है किसी को ठेस लगाकर अगर हमे सुकून मिलता है तो वह अपना दुर्भाग्य है जो किसी दिन अपनी ही बोली गई कटु भाषा हम पर खुद ही बरस जाएगा और हमारे जीवन मे बुरा प्रभाव डालेगी
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