माँ बाप दोबारा नहीं मिलते हैं

माँ बाप का दामन एक बार छूट ही जाता है

उनका भी समय पूरा हो जाता है

किसी दुनिया मे चले जाते हैं वो ना जाने किस जगह

कुछ पल का एहसास नहीं ये तो जीवन भर की एक अनमोल याद रह जाती है उनकी

अपने जीवित माता पिता की पूरी सेवा करनी चाहिए हमे

जिन्होंने हमे खाना खिलाए भूखे रहकर खुद को

खुद प्यासे रहकर हमे पानी पिलाया

हर चोट से हमे बचाया खुद चोट खाकर

बारिश के पानी मे माँ ने आँचल फैला कर खुद भीग कर हमे छिपाया

खुद फटे कपड़े पहन कर दोनों ने हमे सजाया

हम ना करें उनका तिरस्कार ना करें उनका अपमान

उन्हें भी प्यार दें और दें उनको भी खिलाए उनका मनपसंद खाना और अपनी बाहों का सहारा देकर उनको भी सैर कराएं जिस तरह हम उनकी उंगली पकड़ कर बचपन मे घूमते रहे

उन्हें भी हम नहलाने ले जाए जिस तरह वे हमे नहलाया करते थे

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