आदी हो चुके हैं लोग अलगाव रखने के

असुरक्षित होते जा रहे हैं लोग अपने ही विचारों के लिए जो अलगाववादी हो चुके हैं

उन्हें कोई पसंद नहीं आता किसी के साथ रहना पसंद नहीं करते

किसी का हस्ताक्षेप उन्हें

किसी को विश्वास की नजर से नहीं देखते हैं वे लोग

उसका एक विशेष कारण है कि वे लोग जमाने की छोटे खा चुके हुए होते हैं

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