अब कामिनी उस लड़की से बात करना चाहती थी लेकिन महिलाएँ कामिनी को घेरे रहती और कामिनी उस लड़की से कुछ पूंछ नहीं पाती
और वीर सिंह के आते ही कामिनी सहम जाती उसे इस तरह देखकर वो लड़की कामिनी को देखकर हंस देती और लड़की बोल ही पडी की आप अभी नई हो और अभी तो उनका मन आपसे नहीं भरा है बस मन भरने की देर है
और इतना कह कर वो लड़की वहां से चली गई लेकिन कामिनी को अपने ऊपर गर्व हो चुका था कि वीर सिंह उसके दीवाने हो चुके हैं जो उसकी एक झलक देखने के लिए बार बार कोई ना कोई बहाना लेकर उसके पास आते हैं जरूर उसके अंदर कोई विशेष बात है
ये लड़की तो बकवास करती है इसे क्या पता कि ठाकुर वीर सिंह कामिनी को कितना प्यार करते हैं और वो ठाकुर वीर सिंह के दिए गए हीरे के हार पर प्यार से हाथ फेरती है
क्रमशः

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