
कभी कभी लोग इस तरह बदल जाते हैं कि जैसे कि वे अपने रहे ही नहीं देखकर बहुत हैरानी होती है मुझे लेकिन मैं समझ गई मैं कि वस्तुएं जिस तरह बदल जाती है टूट कर बिखर जाती है चाहे कितनी भी मरम्मत करवा लो चाहे जितना भी सहेज कर रख लो लेकिन एक दिन वे टूट ही जाती है
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