घूंघट

घूंघट की आड़ मे एक दुल्हन इंतजार कर रहीं थीं अपने पति का

पति तो आया लेकिन वो अनजान सा था प्यार से कुछ अनमना सा था

कुछ अटपटा सा लग रहा था क्योंकि वो सिर्फ यही देख रहा था कि उसे दहेज मे क्या मिला

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