बेबसी की मारी भाग 275

तभी नीलू वहां आती है और अपनी बेटी को गोद मे उठाती है नीलू को देखकर अर्जुन उसे देखते हुए कहते हैं कि तुम ठीक तो हो ना मैं तुम्हें देखने आया था

बेटी भी ठीक है ये मुझे पहचानती ही नहीं ये बात सुनकर नीलू की आँखों मे आंसू आ जाते हैं उसकी बड़ी बड़ी आँखों से आंसू निकलने लगते हैं उसे अर्जुन का अत्याचार याद आने लगता है

अर्जुन कहते हैं कि मैं तुम्हें लेने आया हू चलोगी मेरे साथ

मुझे माफ़ कर दो मैंने तुम्हारे साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया

नीलू को विश्वास नहीं होता कि अर्जुन दो महीने मे ही इतना बदल गए वो अर्जुन का स्वभाव जानती थी

वो सोंचने लगी कि जरूर कोई बात होगी जो ये आज मुझे लेने आए हैं लेकिन वो सब जानते हुए भी चुप रहती है और अर्जुन को मिठाइयाँ और पानी देती है

और चाय बनाने के लिए स्टोव जलाने लगती है उसकी बेटी खेल रहीं होती है

क्रमशः

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें