कामिनी वापस अपने कमरे मे आ जाती है जहां वीर सिंह उसका इंतजार कर रहे थे वे कामिनी को जोर से पकड़ लेते हैं और कामिनी से कह्ते है कि तुम कहां थीं तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगता है तुम्हारे भैया लोग आए है तुम्हें लेने
मैं अभी तुम्हें नहीं भेजूंगा वापस कर दूँगा उन्हें
कामिनी कुछ नहीं कहती हैं और वीर सिंह के सिर मे हाथ फेरती है और हंस देती है
वीर सिंह कहते हैं कि मैंने तुम्हारे भाइयों के रहने और खाने का खास इंतजाम किया है जो वे हमेशा याद रखेंगे क्रमशः

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