जब हम किसी पर अपना ध्यान केंद्रित कर देते हैं

किसी के लिए अपना ध्यान केंद्रित कर देते हैं तो ऐसा लगता है कि अब इसके सिवा दुनिया की कोई भी वस्तु मेरे काम की नहीं

उसे पाने के लिए आतुर होना

उसके लिए अपने बहुमूल्य समय को हम किस तरह बर्बाद करते हैं

जबकि उसमे कोई ऐसी बात नहीं होती जो हमे इतना विचलित कर सकती है

हम उस पर अपना ध्यान केंद्रित कर देते हैं इसीलिए वो हमे विशेष लगती है क्योंकि वो हमसे दूर होती है

हमारी पहुंच से दूर होती है

हमारा ध्यान केंद्रित होता है और हम उसे किसी भी कीमत में पाना चाहते हैं

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