पहले की महिला और आज की महिला

पहले की महिलाएं संकोची स्वभाव की होती थी शर्म उनकी अमानत थी वे अपने पति से भी शर्माती थीं

पति प्यार करता था तो घूंघट मारकर भाग जाती थी

लेकिन आजकल की महिलाये तो पति को प्यार इतना ज्यादा करने लगती है कि पति ट्रांसफर करवा लेता है अगर नौकरी पर होता है

पहले एक महिला से बहुत काम करवाते थे अब तो महिला भी बर्तन साफ़ करवा ही लेती है

पहले की महिलाये धीरे धीरे बोलती थी

आजकल तो महिलाओं की अवाज पुरुषों से भी तेज हो गई हैं

आजकल की महिला आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करती हैं

अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज उठाती है अब घरेलु हिंसा बहुत कम हो गई है

पहले तो थोड़ी सी बात पर पति पत्नि पर हाथ उठा देते थे

आजकल की महिला अन्याय नहीं सहती विरोध करती है

पहले की महिला मार खाने मे अपना पति धर्म समझती थी

पहले की महिला आत्मनिर्भर नहीं होती थी जिससे उसे गलत व्यक्ति के साथ जीवन भर रहना पड़ता था आजकल की महिला पति को त्याग कर अपने घर चली जाती है

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