
अपने पति का कुसुम इंतजार कर रही थी
वो सपने सजा रहीं थीं
उसकी नई शादी हुई थी
आज प्रथम मिलन था
जिस घड़ी का उसे कब से इंतजार था
रात बहुत हो चुकी थी लेकिन रवि अभी भी नहीं आया था
उसे चिंता होने लगी कि रवि कहां है
और वो छत पर निकल आई और एक तरफ बैठ गई
घर में सब सो गए थी
तभी उसने एक भीड़ देखी
उसने ध्यान से देखा कि कुछ लोग एक आदमी को पीट रहे थे
लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आया और वो वापस अपने कमरे मे चली गई
सुबह हुई रात भर कुसुम नहीं सोई थी
सुबह घर में हाहाकार मच गया कुसुम ने देखा कि एक लाश कपडों में लिपटी हुई पड़ी है
कुसुम उसके पास गई और ज्योंही उसके मुह से कपड़ा हटा तो कुसुम बेहोश हो गई थी उसे देखकर
कुसुम की सास चिल्ला चिल्ला कर कुसुम को कोस रहीं थीं
रवि मर चुका था कुछ लोग रात मे जिसे पीट रहे थे वो रवि था वो शराब पीकर किसी के घर मे घुस गया था और एक लड़की से छेड़छाड़ करने लगा था
जब कुसुम को होश आया तब उसके कानो मे ये आवाज सुनाई पडी
कि ये तो शराब पीता है
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