
कामिनी अपने घर के लिए तैयार होकर आ जाती है वीर सिंह भी वही मौजूद रहते हैं
खूब सारी मिठाइयों के साथ, उपहारों की एक गाड़ी, एक गाड़ी में तो कामिनी का सामान
और कामिनी अपने भाइयों के साथ गाड़ी मे बैठ जाती है कामिनी देखती है कि वीर सिंह रो रहे थे
उसने भी आंख भरकर वीर सिंह को देखा लेकिन वो कुछ नहीं बोल सकती थी उसके साथ उसके बड़े बुजुर्ग और भी बहुत लोग खड़े थे जो कामिनी को विदा करने के लिए आए थे गीता भी वहां मौजूद थी तभी कामिनी ने देखा कि वही लड़की जो बहुत कम उम्र की थी वो एक नारंगी रंग की साड़ी मे वहां खाड़ी थी तभी शांता वहां आकर उस लड़की को वहां से हटा देती है
क्रमशः
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