
कामिनी गाड़ी मे बैठकर अपने घर को जाने लगती है और देखती है कि वीर सिंह भी गाड़ी के पीछे पीछे आ रहे हैं वे कामिनी को देखे जा रहे हैं कामिनी के गाड़ी की गति तेज हो गई थी और वीर सिंह पीछे छूट गए थे लेकिन सबकुछ होते हुए कामिनी को बार बार उसी लड़की का ख्याल आ रहा था कि उस लड़की की वीर सिंह की माँ क्यों बार बार अपमानित करके निकाल देती हैं
खैर अब कामिनी अपने घर पहुंच चुकी थी जेवरात से लदी हुई कामिनी गाड़ी से उतरती है वह पहली बार अपने मायके आई थी
सब लोग उसके स्वागत के लिए खड़े थे अखिरकार वो वीर सिंह की पत्नी थी जो बहुत ही बड़ी बात थी वीर सिंह राजा माने जाते थे वे सबसे ज्यादा अमीर खानदान से थे
कामिनी की माँ तो अपनी बेटी का सुख देखकर बहुत खुश थी वह बार बार अपनी बेटी को प्यार कर रहीं थीं भाभियों के साथ कामिनी अपने घर मे प्रवेश करती है
कामिनी सभी लोगों के लिए उपहार लाई थी कामिनी की माँ और वीर सिंह ने कामिनी को बहुत सारा सामान दिया था और कहा था कि सबको बांट देना क्रमशः
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