जिधर देखो अलग रहने की प्रवृत्ति सब अलग रहना चाहते हैं कोई किसी से तालमेल बिठा कर रखना नहीं चाहता लोगों ने एक दूसरे के प्रति विश्वास की भावना को लगभग खत्म ही कर दिया है, सब अपनों को ही शक की निगाह से देखने लगे हैं नतीजा असुरक्षित जीवन
जिधर देखो अलग रहने की प्रवृत्ति सब अलग रहना चाहते हैं कोई किसी से तालमेल बिठा कर रखना नहीं चाहता लोगों ने एक दूसरे के प्रति विश्वास की भावना को लगभग खत्म ही कर दिया है, सब अपनों को ही शक की निगाह से देखने लगे हैं नतीजा असुरक्षित जीवन
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