ईश्वर के फैसले के आगे

सबको झुकना पड़ता है

जो कुछ ईश्वर देते हैं वो ले भी सकते हैं ईश्वर के लिए सब कुछ बराबर ही रहता है

सारे कर्मों का परिणाम भी ईश्वर द्वारा ही प्रदान किया जाता है

कुछ भी अपना नहीं है कि ये मिला है तो ये मेरा ही है और मेरा ही रहेगा

एक सेकंड सबकुछ चला जाने मे लगता है चाहे वो कितनी भी प्यारी वस्तु हो और चाहे कितना भी कोई हमे प्यारा हो वो ईश्वर की इच्छा से ही हमारे पास सीमित समय के लिए रहता है

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