लेकिन हम भ्रम मे क्यों रहते हैं कि उनको हमसे लगाव है
क्यों हम समझ नहीं पाते अपने करीबियों को
जो घात करते रहते हैं अंदर ही अंदर अपने बनकर
दिल दुखाने का कार्य हर वक्त करते हैं और हम उन्हें अपना समझ कर उनपर विश्वास करते रहते हैं
लेकिन हम भ्रम मे क्यों रहते हैं कि उनको हमसे लगाव है
क्यों हम समझ नहीं पाते अपने करीबियों को
जो घात करते रहते हैं अंदर ही अंदर अपने बनकर
दिल दुखाने का कार्य हर वक्त करते हैं और हम उन्हें अपना समझ कर उनपर विश्वास करते रहते हैं
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