
और वो लड़की दीपेन्द्र से कुछ दूर पर खड़ी हो गई उसने एक बड़े से पत्ते मे पानी लेकर दीपेन्द्र के मुह के ऊपर छिड़क दिया और तब भी दीपेन्द्र को होश नहीं आया तो उसने पानी फिर से भर् कर दीपेन्द्र के चेहरे पर छिड़का लेकिन अब भी सफलता हाथ लगी
अब वो लड़की परेशान हो गई उसे लगा कि कहीं ये मर तो नहीं गया उसने अपना हाथ दीपेन्द्र की नाक के पास रखा लेकिन दीपेन्द्र कि साँस चल रही थी उसके सीने मे कान लगा कर सुना तो उसकी धड़कन भी चल रहीं थीं लेकिन दीपेन्द्र को होश नहीं था वो लड़की अब दीपेन्द्र के पास ही बैठ गई और बड़े से पत्ते से उस पर हवा करने लगी
थोड़ी देर में दीपेन्द्र ने आंखे खोल दी और हड़बड़ाहट से उस लड़की से बोला कि तुम्हें मुझसे कोई नुकसान तो नहीं हुआ सच बताना
लड़की ने कहा कि तुम ठीक हो ना
क्रमशः
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