पल पल तिल तिल कर आग मे झुलसते है हम लेकिन कुछ ऐसी तपन होती है जिसकी झुलस को हम किसी से बता नहीं सकते
झुलस झुलस कर एक सीख तो मिलती है वो ये कि हमे अपने ही आग लगाते हैं जीवन मे भी और मृत्यु के बाद भी
पल पल तिल तिल कर आग मे झुलसते है हम लेकिन कुछ ऐसी तपन होती है जिसकी झुलस को हम किसी से बता नहीं सकते
झुलस झुलस कर एक सीख तो मिलती है वो ये कि हमे अपने ही आग लगाते हैं जीवन मे भी और मृत्यु के बाद भी
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