
अर्जुन कहते हैं कि मौसी नीलू को मेरे साथ जाने दो अब मैं नीलू को कोई कष्ट नहीं होने दूँगा
मौसी कहती हैं कि नहीं अब उसको ले जाने का नाम मत लेना मेरी बेटी है मैं उसकी जिन्दगी पार कर लुंगी उसे पढ़ा दूंगी और एक अच्छे लड़के से उसका ब्याह कर दूंगी बच्ची को मैं पाल लुंगी
मैं नहीं जाने दूंगी अब उसे
कितना खराब बर्ताव तुम नीलू और जयश्री के साथ करोगे मुझे अंदाजा नहीं था
खैर मैं अब तुमसे ज्यादा बहस नहीं करूंगी
तुम सच सच नहीं बताओगे की तुम इन्हें क्यों ले जाना चाहते हो
तभी नीलू अंदर से कहती है कि इनकी बहन.शैल की शादी है मेरे बिना वो लोग सगाई नहीं कर रहे हैं
शादी के बाद ये फिर मुझे परेशान करेंगे
क्रमशः
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