हम क्या चाहते हैं दूसरों से

हम दूसरों से जो कुछ प्राप्त करना चाहते हैं शायद ऐसा भी होता है कि वो भी हमसे वही उम्मीद करता है

हम सिर्फ लेना चाहते हैं देना शायद बहुत कम

कोई ना कोई बहाना बना दिया करते हैं लेकिन ये उचित नहीं है

अगर लेने की उम्मीद है तो किसी की उम्मीद पर आप भी खरे उतरो तभी तो लेने में भी मजा आएगा और देने में भी आनंद आएगा

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